नहीं पता था कि ये इस तरह सताएगी




नहीं पता था कि ये इस तरह सताएगी

तुम्हारी याद मुझे ला मकां बनायेगी 

नहीं कहीं भी नहीं कोई ख़्वाब-गाह अपनी

तुम्हारी आँख मुझे आसरा दिलाएगी !!

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